इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अलीगढ़ मंडी परिषद में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को पदोन्नति न देने पर तीखी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने परिषद के निदेशक, उपनिदेशक और अलीगढ़ मंडी परिषद के सचिव पर 10-10 हजार रूपये का हर्जाना लगाया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अलीगढ़ मंडी परिषद में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को पदोन्नति न देने पर तीखी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने परिषद के निदेशक, उपनिदेशक और अलीगढ़ मंडी परिषद के सचिव पर 10-10 हजार रूपये का हर्जाना लगाया है और सभी को मंगलवार को कोर्ट में तलब किया है। कोर्ट ने कहा है कि अगर आदेश का पालन नहीं हुआ तो निदेशक सहित अन्य प्रतिवादियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने मुकेश चंद्र शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार अनुपालन को आदेश का अनुपालन कराने को कहा है। याची की ओर से मंडी परिषद के निदेशक, उपनिदेशक और सचिव मंडी परिषद अलीगढ़ को पक्षकार बनाया है।
दरअसल, मामला 15 वर्ष पुराना है। मंडी परिषद के निदेशक ने समान रैंक वाले 11 कर्मचारियों को पदोन्नति दी थी। उसी आधार पर याची ने अपनी पदोन्नति का प्रत्यावेदन दिया तो निदेशक ने अस्वीकार कर दिया। याची ने अपनी पदोन्नति का प्रत्यावेदन निदेशक के समक्ष दो बार प्रस्तुत किया लेकिन उसे अन्य कर्मचारियों की तरह पदोन्नति का लाभ नहीं दिया गया। इस पर याची ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने 24 जुलाई को सुनवाई करते हुए निदेशक, उपनिदेशक और सचिव मंडी परिषद अलीगढ़ पर 10-10 हजार रूपये का हर्जाना लगाया और पांच अगस्त को तीनों को कोर्ट के समक्ष उपस्थित रहने को कहा है।