कोर्ट ने 31 जनवरी 23 को रेलवे को मार्केट रेट से नियमानुसार जमीन का मुआवजा तय करने का आदेश देते हुए पूछा था कि क्यों न याची को एक करोड़ रुपये हर्जाना दिया जाए। मुख्य प्रोजेक्ट मैनेजर कंस्ट्रक्शन ने व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर बताया कि जिला प्रशासन को जमीन अधिग्रहण करने के लिए अनुरोध किया गया गया है। किंतु हर्जाने के मुद्दे पर कोई सफाई नहीं दी। कहा, सहमति से मुआवजा तय किया गया है। इस पर कोर्ट ने कहा बिना कानूनी कार्यवाही किए जबरन जमीन हथिया लिया तो सहमति का प्रश्न नहीं उठता। कोर्ट ने जिलाधिकारी को राजस्व अधिकारियों की मदद लेकर मार्केट रेट से ब्याज सहित मुआवजा तय करने का निर्देश दिया है।