पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बेंच के मुद्दे पर एक बार फिर वकीलों में उबाल आ गया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेई के इस बयान पर हाईकोर्ट के वकील भड़क गए कि ‘बेंच बनाना मेरे जीवन की बड़ी सफलता होगी’। वकीलों के भारी दबाव को देखते हुए बार अध्यक्ष द्वारा हड़ताल स्थगित करने के फैसले को बदलने पर मजबूर होना पड़ा। वकीलों ने हाईकोर्ट गेट से भीतर किसी को भी प्रवेश करने पर रोक दिया और गेट पर हुई सभा में हड़ताल यथावत जारी रखने की घोषणा की गई।
शुक्रवार को सुबह हाईकोर्ट में हड़ताल को लेकर उहापोह की स्थिति थी। बार ने हड़ताल स्थगित करने का प्रस्ताव बृहस्पतिवार को ही पास कर दिया था मगर एक बड़ा तबका कल से ही इसके विरोध में था। सुबह अधिवक्ता जब हाईकोर्ट पहुंचे तो उनमें जबरदस्त आक्रोश था। अखबारों में छपे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के बयान से वह काफी नाराज थे। इसके बाद वकीलों ने लक्ष्मीकांत बाजपेई का पुतला फूंका। इस दौरान हाईकोर्ट के सामने अधिवक्ताओं की अभूतपूर्व भीड़ डटी रही। पुतला दहन के बाद सब एकत्रित होकर हाईकोर्ट से सुभाष चौराहे तक जुलूस की शक्ल में पहुंचे और चौराहे पर मानव श्रृंखला बनाई। अधिवक्ताओं ने चौराहे पर लगे भाजपा के बैनर और होर्डिंग भी तोड़े। हाईकोर्ट वापस लौट कर आम सभा पुन: एकत्रित हुई जो तीन बजे तक चली। सभा में प्रस्ताव पारित किया गया कि जबतक भाजपा नेताओं द्वारा बयान का खंडन नहीं आता अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। सोमवार को आम सभा पुन: बुलाई गई है।
हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष राकेश पांडेय और महासचिव सीपी उपाध्याय ने प्रेसवार्ता में बताया कि तय किया है कि 24 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी आगमन पर अधिवक्ता उनसे समय लेकर मिलने का प्रयास करेंगे और ज्ञापन देंगे। बेंच के मुद्दे पर उनसे अपनी राय स्पष्ट करने के लिए कहा जाएगा। आंदोलन को गति देने के लिए सलाहकार समिति, संघर्ष समिति और युवा अधिवक्ता समिति गठित की गई है जिसमें पूर्व महाधिवक्ता वीसी मिश्र, वरिष्ठ अधिवक्ता वीबी उपाध्याय, टीपी सिंह, डा. एसपी श्रीवास्तव, अनुग्रह नारायण सिंह, एनसी राजवंशी, एमडी सिंह शेखर, यूएन शर्मा, दयाशंकर मिश्र, आरके ओझा, अनिल तिवारी, प्रभाशंकर मिश्र, आईके चतुर्वेदी, वीर सिंह, केके द्विवेदी, डीके श्रीवास्तव, बृजेश सहाय और पीसी श्रीवास्तव शामिल हैं। इन समितियों से सलाह के बाद आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा। समितियों की बैठक शनिवार को सुबह 10 बजे बुलाई गई है।
बेंच विरोध आंदोलन में कैट बार एसोसिएशन, यूथ बार एसोसिएशन और क्रिमिनल लॉ प्रैक्टिसनर्स बार ने भी समर्थन तथा सहयोग दिया है। कैट के वकील अध्यक्ष अनिल सिंह और एलएम सिंह के नेतृत्व में जुलूस में शामिल हुए। यूथ लायर्स के नीरज दुबे, रमेश पांडेय, अखिलेश मिश्र, वाईडी मिश्र, अखिलेश ओझा, बीपी पांडेय, तीर्थराज गुप्ता के अलावा क्रिमिनल प्रैक्टिनर्स के केके द्विवेदी, लायर्स एसोसिएशन के जय शंकर पांडेय, विनय श्रीवास्तव आदि ने समर्थन दिया है। इनके अलावा पूर्व उपाध्यक्ष अतुल पांडेय, संतोष कुमार मिश्र आदि ने भी आंदोलन में सहयोग दिया।