मामले में याची के खिलाफ अवैध शराब बेचे जाने का आरोप है। याची के अधिवक्ता वेणु गोपाल ने तर्क दिया कि वह बेकसूर है। उसे फर्जी और झूठा फंसाया गया है। जबकि, सरकारी अधिवक्ता ने जमानत अर्जी का विरोध किया। लेकिन कोर्ट ने याची की सर्शत जमानत मंजूर कर ली।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवैध शराब बेचने वाले की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। कोर्ट ने कहा कि अभियुक्त संदेह के आधार पर पकड़ा गया है। उसकेखिलाफ कोई चश्मदीद गवाह नहीं है। इसलिए गुणदोष पर विचार किए बिना जमानत अर्जी को मंजूर किया जाता है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने बरेली जिले के बारादरी थाने के दीप की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
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मामले में याची के खिलाफ अवैध शराब बेचे जाने का आरोप है। याची के अधिवक्ता वेणु गोपाल ने तर्क दिया कि वह बेकसूर है। उसे फर्जी और झूठा फंसाया गया है। जबकि, सरकारी अधिवक्ता ने जमानत अर्जी का विरोध किया। लेकिन कोर्ट ने याची की सर्शत जमानत मंजूर कर ली।