इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिना नोटिस मस्जिद सील करने पर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। पूछा है कि क्या किसी उपासना स्थल को बिना सूचना व सुनवाई का अवसर दिए सील करने का अधिकार है। यह सवाल न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने अहसान अली की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान किया।
याची ने आरोप लगाया है कि 2019 में मुजफ्फरनगर की जानसठ तहसील के भोपा गांव में जमीन खरीदी थी। उस पर मस्जिद के चारों ओर बाउंड्री काम शुरू किया गया तो प्रशासन ने अवैध निर्माण बताते हुए उसे सील कर दिया। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि कार्रवाई से पहले न तो नोटिस दिया गया और न ही पक्ष रखने का मौका मिला। इस पर कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह हलफनामे संग स्पष्ट करे कि किस कानून के तहत यह कार्रवाई की गई।