हाईकोर्ट ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित कनिष्ठ सहायक के 5288 पदों पर नियुक्तिपत्र जारी करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा है कि यदि चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्तिपत्र जारी नहीं किए हों तो इस मामले की अगली सुनवाई तक इसे जारी न किया जाए। कोर्ट ने प्रदेश सरकार और आयोग से पांच दिसंबर तक जवाब मांगा है।
सुधारक पाठक और 15 अन्य सहित कई विशेष अपीलों पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल और न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय की पीठ ने यह आदेश दिया। वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक खरे और सीमांत सिंह ने याचिका पर पक्ष रखा। मामले के अनुसार 77 विभागों में कनिष्ठ सहायक के पदों पर नियुक्ति हेतु 13 अक्तूबर 2018 को अंतिम परिणाम घोषित किया गया। इसमें याचीगण का नाम शामिल नहीं था।
इससे पूर्व याचीगण ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि पद हेतु अनिवार्य अर्हता ट्रिपल सी का प्रमाणपत्र उनको आवेदन भरने की अंतिम तारीख के बाद मिला। हालांकि आवेदन करते समय वह ट्रिपल सी कोर्स पास कर चुके थे। मात्र प्रमाणपत्र नहीं होने के कारण उनका आवेदन स्वीकार नहीं किया गया।
एकल न्यायपीठ ने अंतरिम आदेश के तहत याचीगण को परीक्षा में शामिल करने का निर्देश दिया था। याचिका पर सुनवाई के बाद एकलपीठ ने इसे खारिज कर दिया, जिसकी वजह से याचीगण साक्षात्कार में नहीं बुलाए गए। एकलपीठ के आदेश को विशेष अपील में चुनौती दी गई है। खंडपीठ ने प्रकरण को सुनवाई हेतु स्वीकार करते हुए अगले आदेश तक के लिए नियुक्तिपत्र जारी करने पर रोक लगा दी है। याचिका पर पांच दिसंबर को अगली सुनवाई होगी।