इलाहबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी अपराध की सूचना पुलिस को देना या एफआईआर दर्ज कराना किसी भी कर्मचारी का वैधानिक अधिकार है, कदाचार नहीं। इस आधार पर किसी कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई नहीं की जा सकती। इस टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति विक्रम डी चौहान की एकल पीठ ने हाथरस नगर पालिका परिषद के वरिष्ठ लिपिक विद्या सागर शर्मा के निलंबन आदेश पर रोक लगा दी। साथ ही परिषद से तीन हफ्ते में जवाब तलब किया है। आरोप है कि याची ने अपने ही विभाग के अकाउंटेंट संजय अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई की फर्जी दस्तावेज के आधार ले नौकरी हासिल की है। इससे खफा नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष ने 27 जनवरी 2026 को याची को यह कहते हुए निलंबित कर दिया कि उन्होंने विभाग की अनुमति के बिना एफआईआर क्यों दर्ज कराई। अब मामले की सुनवाई 27अप्रैल को होगी।