14 प्रतिशत तक ब्याज पर हाईकोर्ट की गंभीर टिप्पणी
कोर्ट ने कहा कि सहकारी बैंक किसानों से लगभग 14 प्रतिशत तक वार्षिक ब्याज वसूल रहे हैं। जबकि राष्ट्रीयकृत बैंकों में तीन लाख रुपये तक किसान क्रेडिट कार्ड और कृषि ऋण पर सात प्रतिशत ब्याज लिया जाता है। वहीं समय पर ऋण चुकाने पर चार प्रतिशत ही ब्याज लिया जाता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि एक छोटा कृषि ऋण कई गुना बढ़कर किसान की जमीन नीलामी की स्थिति पैदा कर दे तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
सहकारी बैंक में डिफॉल्टर हैं करीब 2.74 लाख कर्जदार
कोर्ट के समक्ष पेश आंकड़ों के अनुसार एक जुलाई 2025 तक बैंक के 2,74,166 कर्जदार डिफॉल्टर थे। इन पर मूलधन के रूप में 1,567.87 करोड़ रुपये बकाया था जबकि ब्याज सहित कुल बकाया राशि 7,061.22 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी। 20 वर्ष से अधिक पुराने 24,150 ऋण खातों में मूलधन करीब 92.12 करोड़ रुपये था, जबकि ब्याज सहित कुल बकाया 857.56 करोड़ रुपये हो गया था।