इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण) की ओर से मेसर्स सॉलिटेयर इन्फोमीडिया प्राइवेट लिमिटेड की लीज रद्द करने के फैसले को सही ठहराते हुए कंपनी की याचिका खारिज कर दी। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकल पीठ ने दिया।
कोर्ट ने कहा कि कंपनी ने जमीन का पूरा प्रीमियम और अन्य बकाया राशि जमा नहीं की। साथ ही 2014 में भवन का नक्शा मंजूर होने के बाद भी 15 जून 2023 तक जमीन पर कोई निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया। अदालत ने इसे कंपनी की बड़ी लापरवाही माना।
कंपनी ने दलील दी कि 2022 के संशोधित कानून और 20 दिसंबर 2023 के शासनादेश के तहत उसे 31 दिसंबर 2024 तक निर्माण पूरा करने का समय मिलना चाहिए था। लेकिन हाईकोर्ट ने कहा कि यह राहत इस मामले में लागू नहीं होती। क्योंकि, कंपनी निर्धारित शर्तों को पूरा नहीं करती थी।