इलाहाबाद हाईकोर्ट ने करीब पौने दो साल से लापता हेड कांस्टेबल राजाराम शुक्ला का पता लगाने के लिए डीजीपी को एसआईटी गठित करने का आदेश दिया है। साथ ही 29 अप्रैल तक इस दिशा में की गई कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट हलफनामे पर तलब की है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने करीब पौने दो साल से लापता हेड कांस्टेबल राजाराम शुक्ला का पता लगाने के लिए डीजीपी को एसआईटी गठित करने का आदेश दिया है। साथ ही 29 अप्रैल तक इस दिशा में की गई कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट हलफनामे पर तलब की है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा तथा न्यायमूर्ति वीसी दीक्षित की खंडपीठ ने लापता कांस्टेबल के बेटे ललित शुक्ल की याचिका पर सुनवाई की है।
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कोर्ट में अधिवक्ता ने दलील दी कि याची के पिता राजाराम शुक्ल हेड कॉन्स्टेबल की गुमशुदगी 10 अगस्त 2023 को हमीरपुर के जरिया थाने में दर्ज कराई गई है, लेकिन अब तक उनका पता नहीं लगा। पुलिस उन्हें ढूंढने का कोशिश भी नहीं कर रही। इस पर कोर्ट ने एसपी हमीरपुर से विवेचना में देरी का कारण बताते हुए हलफनामा तलब किया था।
इस पर दाखिल हुए हलफनामे में बताया गया कि विवेचना जारी है, लेकिन लापता कांस्टेबल का सुराग मिला या नहीं, यह नहीं बताया गया। याची का कहना है कि परिवार को पिता के वेतन व अन्य सुविधाओं का भी भुगतान नहीं किया जा रहा। पुलिस विवेचना के नाम पर खानापूर्ति कर रही है। विभाग की सुस्त कार्यशैली से खफा कोर्ट ने डीजीपी को एसआईटी गठित कर लापता हेड कॉन्स्टेबल का पता लगाने का आदेश दिया है।