फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

High Court : प्रभारी प्रधानाध्यापकों के वेतन और एरियर पर विचार करे विभाग, 114 शिक्षकों ने दायर की थी याचिका

Fri, 30 Jan 2026 03:56 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि प्रभारी प्रधानाध्यापकों को प्रधानाध्यापक पद का वेतन और एरियर मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) प्रत्यावेदनों पर दो महीने के भीतर नियमानुसार निर्णय लें।
विज्ञापन
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि प्रभारी प्रधानाध्यापकों को प्रधानाध्यापक पद का वेतन और एरियर मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) प्रत्यावेदनों पर दो महीने के भीतर नियमानुसार निर्णय लें। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकल पीठ ने दिया है।

विज्ञापन


कुशीनगर निवासी लाल बहादुर समेत 114 शिक्षकों ने याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि वे प्रभारी प्रधानाध्यापक के रूप में कार्य कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें प्रधानाध्यापक के पद का वेतन और बकाया एरियर दिया जाए। सरकारी वकील ने याचिका का विरोध किया। दलील दी कि सरकारी आदेश 14 अक्तूबर 2025 के अनुसार याची इस राहत के हकदार नहीं हैं। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि इन-सर्विस शिक्षकों के लिए भी टीईटी पास अनिवार्य है।

कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद याचिका को निस्तारित करते हुए कहा कि सभी 114 याचिकाकर्ता अगले तीन सप्ताह के भीतर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के समक्ष अपना व्यक्तिगत प्रत्यावेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। बीएसए को दो महीने के भीतर इस पर विचार कर एक सकारण और स्पष्ट आदेश पारित करना होगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें