हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर 21 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट सुनवाई करेगा। न्यायमूर्ति अजित कुमार, न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने हाईकोर्ट और बार एसोसिएशन से पूछा है कि महिलाओं के आरक्षण से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में कोई हलफनामा दाखिल किया गया है तो उसकी प्रति समक्ष प्रस्तुत की जाए।
महिला अधिवक्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अर्चना सिंह ने पक्ष रखा। याचिका अधिवक्ता कुमारी अपराजिता सिंह की ओर से दाखिल की गई है। इसमें हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सभी पदों पर 30 प्रतिशत महिला आरक्षण और एकल पदों पर रोस्टर के अनुसार आरक्षण लागू करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया कि हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप आरक्षण के रोस्टर का पालन करते हुए अवध बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर जनहित याचिका पर 14 अगस्त को फैसला दिया है।
इसके तहत 2027 के चुनाव में महासचिव और 2028 में अध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है। वर्ष 2026 के चुनाव में वरिष्ठ उपाध्यक्ष का पद महिलाओं के लिए आरक्षित है। बार एसोसिएशन की ओर से कहा गया कि चुनाव की नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसलिए इस समय याचिका पर सुनवाई का औचित्य नहीं है। महिला अधिवक्ताओं की ओर से कहा गया कि अगले चुनाव से लागू होने के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए जाएं। साथ ही 2027 में अध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित किया जाए।