अपर महाधिवक्ता ने भी गलत माना, कोर्ट ने कहा-प्रमुख सचिव बताएं यह शर्त क्यों शामिल की गई
अपर महाधिवक्ता ने भी माना कि यह शर्त गलत है और नियुक्ति पत्र में इसे शामिल नहीं किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रारूप लगभग सभी सरकारी विभागों में इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले को शासन के समक्ष रखा जाएगा। भविष्य में अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में ऐसी शर्त नहीं लगाई जाएगी। कोर्ट ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के प्रमुख सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर बताने के लिए कहा है कि 27 अगस्त के नियुक्ति पत्र में यह शर्त क्यों शामिल की गई। साथ ही संशोधित नियुक्ति पत्र भी रिकॉर्ड पर रखने का आदेश दिया है। 14 सितंबर को मामले की सुनवाई होगी।