इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कुशीनगर निवासी आरोपी के खिलाफ ट्रायल कोर्ट में लंबित दुष्कर्म के मुकदमे की पूरी कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की पीठ ने मोहम्मद रफी उर्फ बबलू खान की याचिका पर दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) को अभ्यर्थी रुबल हुड्डा को 29 मार्च से शुरू होने वाली पीसीएस मुख्य परीक्षा-2025 में शामिल करने की नुमति देने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने दिया है।
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प्रयागराज निवासी याची ने ओटीआर फॉर्म में जन्मतिथि 20 फरवरी 2004 के स्थान पर गलती से 02 फरवरी 2004 भर दिया था, हालांकि, अभ्यर्थी ने प्रारंभिक परीक्षा से पहले ही 30 सितंबर 2025 को इस त्रुटि को सुधार लिया था। इसके बावजूद, मुख्य परीक्षा के फॉर्म में पुरानी गलत जन्मतिथि ही प्रदर्शित हो रही थी। इसके आधार पर आयोग ने 20 मार्च के अधिसूचना से याची की उम्मीदवारी को रद्द कर दिया था। इस फैसले को याची ने हाईकोर्ट में चुनौती दी।
कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद कहा कि जब अभ्यर्थी ने प्रारंभिक परीक्षा से पहले ही त्रुटि सुधार ली थी, तो आयोग के पास उन्हें परीक्षा में बैठने से रोकने का कोई उचित आधार नहीं था।
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कोर्ट ने इसे अभ्यर्थी के पक्ष में प्रथम दृष्टया मामला मानते हुए आयोग को तत्काल आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने और अभ्यर्थी को परीक्षा में शामिल करने का आदेश दिया है। साथ ही कहा कि अभ्यर्थी का अंतिम परिणाम इस याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन होगा। मामले की अगली सुनवाई के लिए 11 मई को होगी।