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Prayagraj : वाराणसी कचहरी के वकीलों के समर्थन में उतरा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

Sun, 21 Sep 2025 03:59 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

वाराणसी में अधिवक्ताओं पर हुए पुलिसिया अत्याचार के खिलाफ प्रयागराज में वकीलों ने कड़ा रुख अपनाया है। रविवार को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की एक आपातकालीन बैठक में यह चेतावनी दी गई कि यदि इस मामले में जल्द ही कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश भर के वकील एक बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।
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हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की बैठक में बोलते अध्यक्ष राकेश पांडेय। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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वाराणसी में अधिवक्ताओं पर हुए पुलिसिया अत्याचार के खिलाफ प्रयागराज में वकीलों ने कड़ा रुख अपनाया है। रविवार को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की एक आपातकालीन बैठक में यह चेतावनी दी गई कि यदि इस मामले में जल्द ही कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश भर के वकील एक बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।

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हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडेय बबुआ की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में वाराणसी में वकीलों पर हुए पुलिस के दुर्व्यवहार की घोर निंदा की गई। वकीलों ने इस बात पर नाराजगी जताई कि पुलिस जैसे एक अनुशासित बल के परिजनों ने अपनी गलती छिपाने के लिए सड़क पर राजनीति करना शुरू कर दिया है, जिसे बिल्कुल भी उचित नहीं ठहराया जा सकता।

सर्वसम्मति से वाराणसी बार एसोसिएशन के आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने का प्रस्ताव पारित किया गया और प्रशासन से जल्द से जल्द मामले का संतोषजनक निस्तारण करने की मांग की गई। इसके साथ ही राज्य विधिज्ञ परिषद, उत्तर प्रदेश से भी इस पूरे प्रकरण पर विचार करके उचित निर्णय लेने की अपेक्षा की गई, क्योंकि अधिवक्ताओं की लगातार एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की मांग का मुख्य कारण पुलिस द्वारा किए जा रहे दुर्व्यवहार को रोकना है।

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संयुक्त सचिव प्रेस रामेश्वर दत्त पांडेय आरडी के मुताबिक वकीलों ने जोर दिया कि ऐसे मामलों में दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त सजा का प्रावधान होना चाहिए। बैठक में सर्वसम्मति से यह भी प्रस्तावित किया गया कि आईपीएस अधिकारी नीतू कात्यायन की अनर्गल और हल्की बातों का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री से उनके खिलाफ त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई का अनुरोध किया जाए। 

एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की मांग पर जोर

बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य विधिज्ञ परिषद से भी इस पूरे मामले पर विचार करने और जल्द उचित निर्णय लेने की अपेक्षा की गई। बार एसोसिएशन ने इस बात पर जोर दिया कि एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की लगातार मांग का मुख्य कारण पुलिस द्वारा वकीलों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार को रोकना है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में दोषी अधिकारियों के लिए सख्त सजा का प्रावधान होना चाहिए।
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