इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने पदाधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करने को गंभीरता से लिया है। बुधवार को आमसभा में ध्वनिमत से पांच अधिवक्ताओं को बार की सदस्यता से निष्कासित करने का प्रस्ताव पारित किया गया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने पदाधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करने को गंभीरता से लिया है। बुधवार को आमसभा में ध्वनिमत से पांच अधिवक्ताओं को बार की सदस्यता से निष्कासित करने का प्रस्ताव पारित किया गया। सभा में यह भी निर्णय लिया गया कि इनके नाम एसोसिएशन के एडवोकेट रोल से हटा दिए जाएंगे। चैंबर आवंटन की लिस्ट से भी इनके नाम निरस्त कर दिए जाएंगे। साथ ही अध्यक्ष और महासचिव को निष्कासित सदस्यों के अन्य सहयोगियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी उचित कार्रवाई करने के लिए अधिकृत किया गया है।
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बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने लाइब्रेरी हॉल में आमसभा आयोजित की थी। अध्यक्षता अध्यक्ष राकेश पांडे व संचालन महासचिव अखिलेश कुमार शर्मा ने किया। इस दौरान सर्वसम्मति से हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की नियमावली में संशोधन की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए आमसभा के लिए छह जुलाई 2026 की तिथि निर्धारित की गई है। साथ ही वार्षिक आमसभा के आयोजन के लिए 10 जुलाई 2026 की तारीख तय की गई है। इसी दौरान अधिवक्ताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का फैसला भी सर्वसम्मति से लिया गया।
बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष केके द्विवेदी, उपाध्यक्ष अमित कुमार सिंह, राज कुमार त्रिपाठी, हनुमान प्रसाद मिश्र, दिनेश वरुण व संयुक्त सचिव प्रशासन शशि कुमार द्विवेदी, संयुक्त सचिव प्रेस रामेश्वर दत्त पांडेय आरडी, कोषाध्यक्ष और गवर्निंग कौंसिल के सदस्य रहे।