इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाथरस जिले की ग्राम पंचायत हैता के प्रधान अशोक कुमार अग्निहोत्री के निलंबन आदेश को स्थगित करते हुए जिलाधिकारी हाथरस समेत सभी विपक्षियों को चार हफ्ते में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाथरस जिले की ग्राम पंचायत हैता के प्रधान अशोक कुमार अग्निहोत्री के निलंबन आदेश को स्थगित करते हुए जिलाधिकारी हाथरस समेत सभी विपक्षियों को चार हफ्ते में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। यह आदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव ने निलंबित ग्राम प्रधान अशोक कुमार अग्निहोत्री द्वारा जिलाधिकारी हाथरस द्वारा पारित निलंबन आदेश को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई करते हुए दिया।
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याची के अधिवक्ता अतुल कुमार का कहना था कि राजनीतिक विद्वेष से ग्राम प्रधान के विरुद्ध सात आरोप लगाए गए थे। नामित अधिकारी द्वारा की गई जांच में सभी आरोप गलत पाए गए और सात माह पूर्व जांच रिपोर्ट भी दाखिल कर दी गई थी।
गैर साबित आरोपों के आधार पर आठ माह बाद जिलाधिकारी हाथरस द्वारा पारित निलंबन आदेश राजनीतिक भावना से प्रेरित है। राज्य सरकार और शिकायतकर्ताओं के अधिवक्ताओं को सुनने के बाद न्यायालय ने जिलाधिकारी द्वारा दो जून को पारित निलंबन आदेश पर रोक लगा दिया है। इसके साथ ही जिलाधिकारी समेत सभी विपक्षियों को चार हफ्ते में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।