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High Court : प्रयागराज के समाज कल्याण अधिकारी के निलंबन पर रोक, हाईकोर्ट ने सरकार से किया जवाब तलब

Wed, 29 Jun 2022 07:12 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

याची की ओर से तर्क दिया गया कि उसे अनियमितता के मामले में प्रमुख सचिव समाज कल्याण उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 23 मई के द्वारा पारित आदेश के तहत निलंबित कर दिया गया है। याची ने अपने इस निलंबन को गलत बताया। 
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court new - फोटो : istock
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज के समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह के निलंबन पर रोक लगाते हुए मामले में सरकार से जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि सरकार छह हफ्ते में अपना जवाब दाखिल करें। कोर्ट ने कहा है कि समाज कल्याण अधिकारी जांच में अपना सहयोग करेंगे। यह आदेश न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी ने प्रवीण कुमार सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।

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याची की ओर से तर्क दिया गया कि उसे अनियमितता के मामले में प्रमुख सचिव समाज कल्याण उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 23 मई के द्वारा पारित आदेश के तहत निलंबित कर दिया गया है। याची ने अपने इस निलंबन को गलत बताया। कहा कि उनके द्वारा उनके द्वारा ना तो कोई अनियमितता की गई है और ना ही नियमों का उल्लंघन किया गया है। उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और तत्परता से किया है। याची ने अपने निलंबन को गलत बताया और कहा कि प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।


याची की ओर से कहा गया कि उनके निलंबन के मामले में कोई जांच अधिकारी नियुक्त नहीं किया गया और ना ही कोई इंक्वायरी की गई। बिना इंक्वायरी के ही उन्हें निलंबित कर दिया गया। कोर्ट ने भी कहा कि सरकार की ओर से दी गई जानकारी में इंक्वायरी अफसर की नियुक्ति के मामले में कोई तथ्य नहीं दिया गया। कोर्ट ने मामले को विचारणीय मानते सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया है। उन पर जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय में प्रधानाचार्य के रिक्त पदों पर नियमों की अवहेलना करते हुए प्रभार देने का आरोप है। इसके अलावा कागजातों तथा बिल को प्रभारी प्रधानाचार्य का हस्ताक्षर कराए बगैर ही स्वीकृत करने का भी आरोप है।

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