इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली के चर्चित पुष्पेंद्र हत्याकांड के आरोपी पूरन और संतोष की जमानत अर्जी खारिज कर दी। साथ ही ट्रायल कोर्ट को मुकदमे के जल्द निस्तारण का आदेश दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली के चर्चित पुष्पेंद्र हत्याकांड के आरोपी पूरन और संतोष की जमानत अर्जी खारिज कर दी। साथ ही ट्रायल कोर्ट को मुकदमे के जल्द निस्तारण का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की एकल पीठ ने दिया है। मामला बरेली के भूता थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के मुताबिक मृतक पुष्पेंद्र के छोटे भाई विनोद की वर्ष 2020 में हत्या कर दी गई थी। पुष्पेंद्र मामले का मुख्य गवाह था। आरोप है कि भाई के हत्यारोपियों ने गवाही रोकने के लिए पुष्पेंद्र की भी हत्या कर दी। पुष्पेंद्र की पत्नी संगीता गंगवार ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
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याची के वकील ने दलील दी कि आरोपियों को साजिश के तहत फंसाया गया है। घटना के वक्त वे जेल में बंद थे। हालांकि, शिकायतकर्ता के अधिवक्ता ने आरोपी पूरन के 14 मामलों के आपराधिक इतिहास का हवाला देते हुए दलील दी कि डर के कारण उसके खिलाफ कोई गवाही नहीं देता है। जेल से बाहर आए सह-अभियुक्त अवधेश ने हाल ही में होली के दौरान गवाह गेंदम लाल के घर जाकर उसे धमकाया है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों की बेगुनाही जमानत नामंजूर कर दी।