इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से पूछा है कि राज्य चिकित्सा सेवा नियमावली-2007 के अनुपालन में प्रदेश के मानसिक चिकित्सालयों में स्टाफ व नर्स के खाली पदों को कब तक भरा जाएगा या नए पद सृजित किए जाएंगे। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति अरुण कुमार की अदालत ने बरेली निवासी अंकित कुमार की याचिका पर दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से प्रदेश के मानसिक रोग से जुड़े चिकित्सालयों में स्टाफ नर्स की कमी पर जवाब तलब किया है। पूछा है कि राज्य चिकित्सा सेवा नियमावली-2007 के अनुपालन में प्रदेश के मानसिक चिकित्सालयों में स्टाफ व नर्स के खाली पदों को कब तक भरा जाएगा या नए पद सृजित किए जाएंगे। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति अरुण कुमार की अदालत ने बरेली निवासी अंकित कुमार की याचिका पर दिया है।
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इससे पहले की सुनवाई के क्रम में कोर्ट के आदेश पर बरेली के सीएमओ ने हलफनामा दाखिल किया। बताया कि जिले के मानसिक रोग अस्पताल में कुछ स्टाफ नर्स दी गई हैं। हफ्ते में एक दिन एक्स-रे मशीन व नर्स उपलब्ध रहती हैं। कोर्ट ने पाया कि नियमावली में अस्पताल में स्टाफ की संख्या निर्धारित की गई है। सरकार का दायित्व है कि न्यूनतम स्टाफ उपलब्ध कराए, जिसका पालन नहीं किया गया है। कोर्ट ने कहा कि बरेली के अस्पताल की स्थिति को देखते हुए स्पष्ट है राज्य के अन्य की ऐसी भी ऐसी ही होगी।