शुआट्स परिसर में घुसकर कर्मचारियों को पीटने और तोड़फोड़ के मामले में जेल में बंद पूर्व सांसद अतीक अहमद ने हाईकोर्ट में जमानत की अर्जी दाखिल की है। कोर्ट ने अर्जी पर सुनवाई करते हुए प्रदेश सरकार को 29 मई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अर्जी पर न्यायमूर्ति प्रत्यूष कुमार सुनवाई कर रहे हैं।
जमानत का विरोध करने के लिए अपर महाधिवक्ता विनोद कांत और शासकीय अधिवक्ता विमलेंदु त्रिपाठी कोर्ट में मौजूद थे। अदालत ने दोनों को इस मामले में सरकार का पक्ष रखने का निर्देश दिया है। अतीक की ओर से दाखिल अर्जी में कहा गया है कि उनको गलत मुकदमे में फंसाया गया है। वह कुछ छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई के संबंध में वार्ता करने शुआट्स गए थे। कर्मचारियों और अन्य लोगों के बीच झड़प हुई, जिससे उनका कोई लेना देना नहीं है। अपराध जमानतीय प्रकृति है, इसलिए उनको जमानत पर रिहा किया जाए।
उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट के निर्देश पर शुआट्स प्रकरण की जांच एसपी मो. इरफान अंसारी कर रहे हैं। पुलिस इस मामले में आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। मगर फोरेंसिक जांच और कुछ अन्य चीजों की जांच अभी चल रही है।