इस मामले की विवेचना एसआईटी के इंस्पेक्टर विजय कुमार सिंह गौर कर रहे हैं। विवेचना के क्रम में उन्होंने शुआट्स प्रबंधन को एक नोटिस भेजा है। इसमें बताया गया है कि इस मुकदमे में आठ फरवरी को शुआट्स के उप कुलसचिव(प्रशासन एवं अधिष्ठान) डॉ. अमित लारकिन से फोन पर बात की गई।
शुआट्स प्रोफेसर चंद्रकांत शुक्ला पर दर्ज आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच तेज हो गई है। एसआईटी के विवेचक ने प्रोफेसर की आय को लेकर पूर्व में संस्थान की ओर से दिए गए जवाब को लेकर फिर सवाल-जवाब शुरू कर दिया है। इसके तहत नोटिस भी जारी किया है। इसमें पूछा गया है कि किस नियम के तहत प्राफेसर को दो पदों का वेतन भुगतान किया गया।
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आरोपी प्रोफेसर शुआट्स के इलेक्टि्रकल इंजीनियरिंग विभाग में तैनात हैं। जून 2022 में उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोप में एसआईटी लखनऊ थाने में मुकदमा दर्ज हुआ।इस मुकदमे का आधार वह रिपोर्ट बनी जिसे मई 2019 से अप्रैल 2022 तक हुई जांच के बाद तैयार किया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, शुआट्स में सरकारी अनुदान वाले पद पर तैनात प्रोफेसर चंद्रकांत ने 13 फरवरी 2008 से लेकर जून 2019 के मध्य कुल 17.90 करोड़ रुपये आय अर्जित की। हालांकि इस अवधि में उनका व्यय 29.84 करोड़ रुपये रहा। इस तरह उन्होंने अपनी आय से 66.67 फीसदी अधिक व्यय किया। इस आधार पर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया।