प्रो. अरविंद गुप्ता ने उपभोक्ता आयोग के आदेश को दी है चुनौती
इलाहाबाद मेडिकल कॉलेज में गुर्दा रोग के विभागाध्यक्ष प्रो. अरविंद गुप्ता ने राज्य उपभोक्ता आयोग की ओर से निजी नर्सिंग होम में सेवा देने के लिए उन पर लगाए गए 10 लाख के हर्जाने को चुनौती दी है। मामला यह है कि जौनपुर निवासी एक व्यक्ति को लंबे समय से संतान नहीं होने पर उसने एक निजी नर्सिंग होम में ख्याति प्राप्त डॉक्टर से पत्नी का इलाज शुरू कराया। इस बीच पति को संक्रमण हुआ तो पत्नी का इलाज कर रहे डॉक्टर ने एक नेफ्रोलॉजिस्ट को बुलाकर दिखाया। अंदाजे पर दी गई दवा से पीड़ित का स्पर्म काउंट शून्य हो गया, जिससे अब वह पिता नहीं बन पाएंगे। पीड़ित ने राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया। आयोग के आदेश को डॉ. गुप्ता ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। कोर्ट ने प्राइवेट प्रैक्टिस पर कड़ी नाराजगी जताई है और इस मामले में सुनवाई चल रही है।