मऊ के थाना सरायलखनसी में शिकायतकर्ता रुपेश कुमार पांडेय ने याची पर सोशल मीडिया पर गालीगौलज लिखकर अपमान करने का आरोप लगा मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमे को याची ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर चुनौती दी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर गालीगलौज लिखने के मामले में दर्ज मुकदमे को रद्द करने के लिए दाखिल याचिका की सुनवाई करते हुए पुलिस विवेचना पर रोक लगा दी है। साथ ही असंज्ञेय अपराध पर मजिस्ट्रेट के समक्ष कंप्लेंट फाइल न कर एफआईआर दर्ज कराने पर शिकायतकर्ता से जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ व न्यायमूर्ति सैय्यद कमर हसन रिजवी की अदालत ने ब्रह्मानंद पांडेय की याचिका पर दिया।
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मऊ के थाना सरायलखनसी में शिकायतकर्ता रुपेश कुमार पांडेय ने याची पर सोशल मीडिया पर गालीगौलज लिखकर अपमान करने का आरोप लगा मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमे को याची ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर चुनौती दी। याची के वकील सुधीर कुमार सिंह ने दलील दी कि दर्ज एफआईआर कानून के अनुसार अवैध है। असंज्ञेय अपराध में कंप्लेंट फाइल किया जाना चाहिए था। इस पर कोर्ट ने शिकायतकर्ता से जवाब मांगा है।