यह आदेश न्यायमूर्ति अजीत कुमार ने हाईकोर्ट के क्लास फोर इंप्लाई वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से दाखिल याचिका पर दिया है। याची की ओर से कहा गया है कि हाईकोर्ट प्रशासन ने कंप्यूटर असिस्टेंट के पदों पर पदोन्नति के लिए नवंबर 2023 में आवेदन मांगे थे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कंप्यूटर असिस्टेंट के पदों पर पदोन्नति के मामले में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने पूछा है कि जब पूर्व में छह कर्मचारियों को पदोन्नति परीक्षा में हिस्सा लेने का मौका दे दिया गया तो 11 कर्मचारियों के आवेदन को क्यों निरस्त कर दिया गया है। कोर्ट ने मामले की आगे की सुनवाई के लिए चार जुलाई की तिथि तय की है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति अजीत कुमार ने हाईकोर्ट के क्लास फोर इंप्लाई वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से दाखिल याचिका पर दिया है। याची की ओर से कहा गया है कि हाईकोर्ट प्रशासन ने कंप्यूटर असिस्टेंट के पदों पर पदोन्नति के लिए नवंबर 2023 में आवेदन मांगे थे। पदोन्नति के लिए पांच साल की सेवा की अर्हता तय की गई है लेकिन इसके विपरीत छह ऐसे कर्मचारियों को पदोन्नति परीक्षा में शामिल कर लिया गया, जो पांच साल की सेवा पूरी नहीं किए थे। इस परीक्षा का परिणाम अभी जारी नहीं किया गया है।
हाईकोर्ट प्रशासन ने पदोन्नति के लिए फिर से आवेदन मांगे हैं। इस बार 11 ऐसे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने आवेदन किया, जिनकी सेवा अभी पांच वर्ष पूरी नहीं है। हाईकोर्ट प्रशासन ने ऐसे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के आवेदन को निरस्त कर दिया है। हाईकोर्ट प्रशासन के इस दोहरे निर्णय को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने एसोसिएशन के बैनर तले चुनौती दी है। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए रजिस्ट्रार जनरल को जवाब दाखिल करने को कहा है।