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प्राइमरी अध्यापकों के मनमाने समायोजन से हाईकोर्ट नाराज

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प्राइमरी अध्यापकों के मनमाने समायोजन से हाईकोर्ट नाराज
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प्रयागराज। प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों का समायोजन संबंधी शासनादेश रद्द होने के बावजूद मनमाने तरीके से शिक्षकों को समायोजित करने पर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। इसे अदालत के आदेश की अवमानना मानते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी भदोही से पूछा है कि क्या याची का समायोजन 20 जुलाई 2018 के शासनादेश से किया गया था या नहीं, जिसे हाईकोर्ट ने 18 दिसंबर 18 को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने पूछा है कि कोर्ट के आदेश का पालन क्यों नही किया गया जो कि प्रथम दृष्टया आपराधिक अवमानना प्रतीत होता है। याचिका की सुनवाई 12 जुलाई को होगी।
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पांडेय सुनील कुमार और प्रभुनाथ की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने दिया है। याची के अधिवक्ता का कहना है कि राज्य सरकार की समायोजन नीति को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। इसके बाद समायोजन वापस ले लिए गए । किन्तु भदोही के बीएसए ने सिर्फ उन्हीं लोगों का समायोजन वापस लिया, जिन्होंने याचिका दाखिल की थी, जबकि कोर्ट ने शासनादेश ही रद्द कर दिया था। शासनादेश के तहत याची सहायक अध्यापक का समायोजन पूर्व माध्यमिक विद्यालय काशीदहा ज्ञानपुर भदोही से पूर्व माध्यमिक विद्यालय जीयनपुर ज्ञानपुर भदोही में किया गया। शासनादेश रद्द होने के बाद उसे वापस होना चाहिए, किंतु बीएसए कोर्ट आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं।
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