अपर सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि 25मई 22को ही एनसीएलटी ने कंपनी की संपत्ति को बेचने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार से इस आदेश को अखबार में प्रकाशित करने को कहा ताकि निवेशकों व अन्य लोगों की गाढ़ी कमाई अपराधी विदेश में ट्रांसफर न कर सकें। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल तथा न्यायमूर्ति विक्त्रस्म डी चौहान की खंडपीठ ने श्रीराम की याचिका पर दिया है।
कोर्ट ने कहा कि एजेंसी जांच कर रही और जेल में बैठा अपराधी जमीन बेच रहा। पैसा हवाला के जरिए विदेश में ट्रांसफर किया जा रहा है। कुल 68 हजार करोड़ के घपले का आरोप लगाया गया है। कोर्ट में डायरेक्टर जनरल आर्थिक अपराध विंग अन्य अधिकारियों के साथ हाजिर थे। कोर्ट को बताया गया कि पैसा विदेशों में भेजा जा रहा है। लोगों को प्रलोभन देकर फंसाया जा रहा है। केंद्र सरकार के अधिकारी ने कहा, बैंकों को आदेश जारी किए गए हैं। कंपनी से संबंधित लेनदेन पर रोक लगाने को कहा गया है। कितनी जमीन संपत्ति कहां है, आरोपी सहयोग नहीं कर रहे। इस पर जेल में पुलिस को पूछताछ कर पता लगाने की अनुमति दी गई है।