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गाजीपुर में लाउडस्पीकर से अजान पर रोक के मामले में सरकार ने दाखिल किया जवाब

Mon, 04 May 2020 08:12 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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अफजाल अंसारी - फोटो : amar ujala
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मस्जिद में लाउडस्पीकर से अजान पर रोक के खिलाफ गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी के पत्र पर कायम जनहित याचिका पर सोमवार को राज्य सरकार ने जवाब दाखिल कर दिया है। प्रदेश सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने पक्ष रखा। कोर्ट ने याची के अधिवक्ता को प्रत्युतर दाखिल करने का समय दिया है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर तथा न्यायमूर्ति अजित कुमार की खंडपीठ ने दिया है। याचिका की सुनवाई 5 मई को वीडियो कान्फ्रेन्सिंग से होगी। मंगलवार को इस केस में याचिकाकर्ताओं की तरफ से पूर्व सांसद व सुप्रीम कोर्ट के सीनियर अधिवक्ता सलमान खुर्शीद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बहस करेंगे। 
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राज्य सरकार ने याची की मांग को निराधार बताते हुए याचिका खारिज करने की मांग की है। कहा गया कि लॉकडाउन में सरकार बिना भेदभाव के कार्य कर रही है। नागरिकों की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। जिला अधिकारी ने विगत मार्च माह से ही केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन के तहत किसी भी प्रकार के सामूहिक धार्मिक कार्यक्रम पर रोक लगाई हुई है। यह रोक रामनवमी, आंबेडकर जयंती, ईस्टर व नमाज आदि सारे कार्यक्रम पर लगी हुई है। चूंकि गाजीपुर जिला में भी कुछ कोरोना के केस मिले थे, इस कारण कहीं पर भीड़ न हो इस नाते कार्यक्रमों पर रोक लगी हुई है। जिले में कहीं भी कोई सामूहिक आयोजन नहीं हो रहा है।

उल्लेखनीय है कि सांसद अंसारी ने लाउडस्पीकर से मस्जिदों में अजान पर रोक लगाने के डीएम गाजीपुर के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की थी। जिसमें कहा गया है कि डीएम गाजीपुर का आदेश धार्मिक स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों का हनन है। सांसद ने कहा है कि महामारी से जनता परेशान है। सभी लोग लाकडाउन नियमों का पालन कर रहे हैं। लोग अपने अपने घरों में नमाज पढ़ रहे हैं। परंतु डीएम ने अपने मौखिक निर्देश से जिले में मस्जिद से अजान पर रोक लगा दी है जो गलत है। 
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