घटना 7 नवंबर 2017 की है। चंपा देवी अपने परिवार के साथ सो रही थी। उसी दौरान कुछ लोग पहुंचे और खिड़की से उस पर तेजाब फेंक दिया। इससे वह बुरी तरह जख्मी हो गई। परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए और बाद में वाराणसी में भर्ती कराया गया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जौनपुर के बदलापुर थानांतर्गत युवती पर तेजाब फेंकने के मामले में निचली अदालत से दोषी करार दिए गए व्यक्ति को राहत देते हुए उसे बरी कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत का फैसला सही नहीं है। याची संदेह का लाभ पाने का हकदार है। लिहाजा, वह किसी अन्य मामले में आरोपी या दोषी नहीं है तो उसे जेल से रिहा किया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति नलिन कुमार श्रीवास्तव ने विमल कुमार मौर्या की आपराधिक अपील पर सुनवाई करते हुए दिया है।
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घटना 7 नवंबर 2017 की है। चंपा देवी अपने परिवार के साथ सो रही थी। उसी दौरान कुछ लोग पहुंचे और खिड़की से उस पर तेजाब फेंक दिया। इससे वह बुरी तरह जख्मी हो गई। परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए और बाद में वाराणसी में भर्ती कराया गया। विवेचना के दौरान विमल कुमार मौर्य, सोनू उर्फ संतोष कुमार और वेद प्रकाश यादव का नाम सामने आया।
पुलिस रिपोर्ट आरोपियों के पक्ष में थी। निचली अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए याची विमल कुमार मौर्य को आजीवन कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। याची ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए निचली अदालत के फैसले को सही नहीं माना और याची को सजा से मुक्त कर दिया।