चौतरफा पुलिस का पहरा, धर्मस्थलों पर रहेगी विशेष नजर
पूर्व की तरह ही दंगा नियंत्रण उपकरणों से लैस किए गए जवान
प्रयागराज। पिछले दिनों नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए जुमा पर एक बार फिर पुलिस-प्रशासन हाई अलर्ट मोड पर है। पिछले हफ्ते की तरह ही शाम से ही शहर में प्रमुख स्थानों पर फोर्स की तैनाती कर दी गई। शांति व्यवस्था कायम रहे, इसके लिए इस बार सीआरपीएफ की भी एक कंपनी सड़क पर उतार दी गई है।
सीएए को लेकर शहर में किसी तरह की हिंसा की बात तो सामने नहीं आई लेकिन, व्यापक विरोध प्रदर्शन जरूर हुए। धारा 144 लागू होने के बावजूद 20 दिसंबर को हजारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर सीएए के विरोध में न सिर्फ जुलूस निकाला बल्कि नारेबाजी भी की। पुलिस के लिए राहत भरी बात यह रही कि इस दौरान कहीं अप्रिय घटना सुनने को नहीं मिली। हालांकि, प्रदर्शनकारियों को समझाने में उसे खासा मशक्कत भी करनी पड़ी थी। पुलिस व प्रशासन के आला अफसर दिन भर शांति व्यवस्था के लिए सड़कों पर उतरकर लोगों को समझाते रहे थे। ऐसे में माहौल शांत होने के बाद भी अफसर किसी तरह का खतरा नहीं मोल लेना चाहते। यही वजह है कि जुमा को लेकर एक बार फिर पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट मोड पर आ गया। जिसके तहत पहले की तरह ही एक बार फिर शाम से ही शहर के प्रमुख व संवेदनशील स्थानों पर फोर्स की तैनाती कर दी गई।
संवेदनशील माने जाने वाले पुराने शहर के कुछ प्रमुख स्थानों पर आरएएफ के साथ ही पीएसी के जवान भी मुस्तैद कर दिए गए। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए इस बार शहर में बेहद संवेदनशील कुछ स्थानों पर सीआरपीएफ भी तैनात की गई है। ड्यूटी पर तैनात सभी जवानों को दंगा नियंत्रण उपकरणों से लैस किया गया है और निर्देशित किया गया है कि किसी भी हालत में वह अपना ड्यूटी प्वाइंट न छोड़ें।
2000 से ज्यादा जवानों की लगाई गई ड्यूटी
पुलिस अफसरों का कहना है कि जुमा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। इसके लिए जिले व माघ मेला में तैनात 1500 पुलिसकर्मियों के साथ ही आरएएफ, पीएसी व सीआरपीएफ की एक-एक कंपनियां लगाई गई हैं। कुल मिलाकर 2000 से ज्यादा जवान शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए ड्यूटी पर मुस्तैद रहेंगे।
धर्मस्थलों पर विशेष नजर
पुलिस अफसरों के मुताबिक, जुमा पर होने वाली नमाज को देखते हुए शहर भर के धर्मस्थलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की गई है। हर थाने की पुलिस को निर्देशित किया गया है कि वह अपने-अपने क्षेत्र में स्थित धर्मस्थलों के व्यवस्थापकों से मिलकर उनसे बात करें। साथ ही अपने स्तर से धर्मस्थलों के आसपास की गतिविधियों पर नजर रखें। कहीं भी किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो अफसरों को सूचित करें।
थानों में हुई पीस कमेटी की मीटिंग
उधर बृहस्पतिवार को जिले भर के थानों मेें पीस कमेटी की मीटिंग भी हुई। जिसमें खासतौर से मुस्लिम समुदाय के लोगों को बुलाकर उनसे शांति व्यवस्था कायम रखने की अपील की गई। उधर, करेली, कोतवाली, शाहंगज, खुल्दाबाद, अतरसुइया के मुस्लिम बहुल इलाकों मेें सीएए को लेकर सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी भी जारी की गई। जिससे लोेग खुद को अफवाहों से बचा सके।
मस्जिदों से कराएंगे शांति की अपील: एसएसपी
उधर अमन-चैन बनाए रखने के लिए शुक्रवार को मस्जिदों से शांति की अपील भी कराई जाएगी। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से सभी प्रमुख स्थानों पर फोर्स तैनात कर दी गई है। इसके साथ ही इस बात की भी हर कोशिश की जा रही है कि लोग किसी के बहकावे में न आएं। यही वजह है कि शुक्रवार को मस्जिदों से शांति की अपील कराए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए सभी प्रमुख मस्जिदों के धर्मगुरुओं से कहा गया है कि वह अमन-चैन बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करते हुए लोगों से शांति की अपील करें। इसके साथ ही जुमा की नमाज के बाद मस्जिदों के बाहर पम्फलेट व पर्चे भी बंटवाने की कोशिश की जाएगी ताकि सीएए को लेकर किसी तरह की भ्रम की स्थिति न रहे।