इलाहाबाद हाईकोर्ट में दो जनवरी से वादों की लिस्टिंग (सूचीबद्धता) की आ रही समस्याओं के निराकरण के लिए सीआईटी भवन में एक हेल्प डेस्क स्थापित किया गया है। अब अधिवक्ता अपने वादों की लिस्टिंग से संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए हेल्प डेस्क का सहारा ले सकते हैं।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के महासचिव नितिन शर्मा ने कहा कि हेल्प डेस्क का प्रभारी संयुक्त निबंधक न्यायिक योगेश दुबे को बनाया गया है। वह कंप्यूटर सेंटर, स्टांप रिपोर्टिंग सेंटर, फ्रेश फाइलिंग सेक्शन, लिस्टिंग सेक्शन सहित अन्य न्यायिक व गैर न्यायिक सेक्शन के अधिकारियों से सीधा समन्वय स्थापित करेंगे। साथ ही वादों की लिस्टिंग की समस्याओं का निराकरण करेंगे। नोडल अफसर की सहायता के लिए अभिषेक शर्मा, दुर्गा प्रसाद जायसवाल, अभिषेक सिंह को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है।
लिस्टिंग की व्यवस्था अभी तक एनआईसी देख रही थी लेकिन बहुत सी शिकायतों को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट प्रशासन ने साल के पहले दिन ही लिस्टिंग की व्यवस्था को एनआईसी से वापस लेते हुए अपने अधीन कर लिया है। अब वह इस व्यवस्था को हाईकोर्ट प्रशासन खुद देख रहा है। इसके लिए उसने एक साफ्टवेयर भी डेवलप कराया है। हाईकोर्ट के कर्मचारी उस साफ्टवेयर पर काम कर रहे हैं और लिस्टिंग की नई व्यवस्था को चालू कर रहे हैं। हालांकि, काम की शुरूआत होने से वादों की सुनवाई सामान्य तौर पर नहीं हो पा रही है। अधिवक्ताओं को सूचीबद्ध होने वाले वादों की जानकारी नहीं हो पा रही है। इस वजह से दिक्कत हो रही है। कहा जा रहा है कि व्यवस्था सामान्य होने में अभी कुछ दिन और लग जाएंगे। इस वजह से हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से यह हेल्प डेस्क शुरू किया गया है।