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सेहत पर भारी मौसम, पीड़ितों की भरमार

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प्रयागराज। मौसम की बदमिजाजी सेहत पर भारी पड़ रही है। पहले कड़क ठंड फिर अचानक निकली धूप के बारिश से लोग मौसम जनित बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। सर्दी, बुखार के साथ बच्चों और बुजुर्गों को निमोनिया जकड़ रहा है। अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की भरमार है। वहीं सर्दी-गर्मी से लोगों के शरीर पर छोटे-छोटे लाल घमौरियों जैसे दाने निकल रहे हैं। इन दानों में खुजली की शिकायत है। एसआरएन अस्पताल की कॉर्डियोलॉजी में दिल के मरीजों की संख्या अप्रत्याशित रूप से बढ़ी है। बेली, काल्विन और चिल्ड्रेन अस्पताल में मरीजों की संख्या इन दिनों बढ़ी है।
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एसआरएन अस्पताल के जेरियाट्रिक फिजीशियन डॉ. आरएन पांडेय के मुताबिक ठंड और इसके बाद बदलता मौसम बुजुर्गों के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने बताया कि उच्च रक्तचाप, अस्थमा, मधुमेह पीड़ितों को सावधानी बरतनी होगी। उनकी ओपीडी में बुधवार को 164 मरीज आए। इनमें मौसम जनित बीमारियों से पीड़ित ज्यादा लोग रहे।
सरोजनी नायडू बाल चिकित्सालय (चिल्ड्रेन) के अधीक्षक डॉ. मुकेश बीर सिंह ने बताया कि बच्चों को ठंड से बचाने में लापरवाही करने वाले अभिभावक उन्हें लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया बच्चों में कंजेशन और निमोनिया पीड़ित ज्यादा है। गंभीर बच्चों को इलाज के लिए भर्ती किया जा रहा है।
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काल्विन अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. शक्ति बसु के मुताबिक सर्दी फिर गर्मी का यह मौसम शरीर को संक्रमित कर रहा है। साफ सफाई में कोताही और गर्म कपड़ों के प्रभाव से लोग एलर्जी का शिकार हो रहे हैं। बुधवार को उनकी ओपीडी में आए 70 फीसदी मरीजों ने शरीर के कुछ हिस्सों में लाल घमौरी जैसे दाने निकलने की बात बताई। उन्होंने सलाह दी है कि ऐसी स्थिति में परामर्श के बाद ही दवा लें।
सर्द हवाओं से संभालें दिल
एसआरएन के डॉ. पीयूष सक्सेना के मुताबिक ठंडी बर्फीली हवाओं से गिरता तापमान और बारिश के बाद कड़क हुई ठंड दिल के लिए ठीक नहीं हैं। हर दिन दिल के नए मरीज आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन दिनों दिल संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या करीब 25 फीसदी बढ़ी है। एंजाइना पेन, फेफड़ों में संक्रमण, धमनियों में सिकुड़न और रक्त संचार बाधित होने की शिकायतें लेकर मरीज आ रहे हैं। उन्होंने सलाह दी है कि जाड़े के इस मौसम में कान, हाथ, पैर के साथ पूरे शरीर को गरम कपड़ों से ढंक कर ही बाहर निकलें। उच्च रक्तचाप के मरीज हैं तो चिकित्सक की सलाह से जांच कराकर दवाएं लें। पीने के लिए गुनगुना पानी और ताजा सुपाच्य भोजन ही करें। डॉ. पीयूष ने ठंडे पानी से नहाने को आत्मघाती बताया है। कहा गुनगुना पानी ही स्नान में प्रयोग करें।
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