फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तेज बारिश से इलाहाबाद में भी ढह सकता है रेलवे ट्रैक

Fri, 07 Aug 2015 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
इलाहाबाद। मध्य प्रदेश में हो रही झमाझम बारिश अगर इलाहाबाद में भी होती है तो उससे यहां रेलवे ट्रैक को खासा नुकसान हो सकता है। झमाझम बारिश से यहां कामायनी और मुंबई जनता हादसे वाली पुनरावृत्ति भी संभव है। यहां सबसे ज्यादा खतरा प्रयाग से इलाहाबाद जंक्शन आने वाली लाइन में है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस रेलवे ट्रैक के कुछ स्थानों पर पशु पालकों ने अपने पशुओं के बैठने के लिए बड़े-बड़े गड्ढे खोद लिए हैं। तेज बारिश से यह  ट्रैक कभी भी ढह सकता है। बावजूद इसके रेलवे इस बारे में अब तक कोई कार्रवाई नहीं कर सका है।
विज्ञापन


मंगलवार की रात मध्य प्रदेश के हरदा-खंडवा सेक्शन में खिरकिया और भिरंगी स्टेशन के मध्य भारी बारिश के बाद पानी के तेज बहाव से ट्रैक ढह गया। इस वजह से कामायनी एक्सप्रेस और मुंबई जनता एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में कई यात्रियों की जान चली गई। इस भयावह हादसे के बाद यहां का स्थानीय रेल प्रशासन कोई सबक नहीं ले रहा है। बता दें कि इलाहाबाद जंक्शन से प्रयाग के बीच सोहबतियाबाग के पास कुछ पशु पालकों ने रेलवे ट्रैक किनारे बड़े-बड़े गड्ढे खोद दिए हैं। रेलवे ट्रैक के समीप खोदे गए इन गड्ढों से वहां खतरा बढ़ गया है। आलम ये है कि अगर यहां मध्य प्रदेश जैसी झमाझम बारिश होती है कि वहां मिट्ठी ढह सकती है।

कमोवेश यही स्थिति दिल्ली-हावड़ा रूट पर भी है। यहां साउथ मलाका के आजाद नगर मोहल्ले में भी कुछ पशु पालकों ने ट्रैक किनारे मिट्टी खोदकर अपना पशुबाड़ा बना लिया है। इतना ही नहीं कई लोगों ने ट्रैक किनारे मिट्टी खोदकर झुग्गी झोपड़ी बना ली है। गऊघाट में भी रेलवे ट्रैक किनारे गड्ढा खोदकर अपने पशुओं को पाल रहे  हैं। पूर्वोत्तर रेलवे के इलाहाबाद सिटी-दारागंज रेलखंड में भी दारागंज स्टेशन के पहले भी ट्रैक किनारे काफी हिस्से में मिट्टी हटाकर लोग अपने पशुओं का पालन कर रहे हैं। इसके पूर्व दिल्ली-हावड़ा रेलखंड में भी शहर के मोहित्समगंज मोहल्ले में पशुपालकों द्वारा मिट्टी खोद लेने की वजह से पिछले साल एनसीआर प्रशासन ने वहां एक लंबी दीवार बनवाई थी।
विज्ञापन


‘इलाहाबाद जंक्शन-प्रयाग रेलखंड के बीच रेल ट्रैक किनारे अगर  किसी तरह का गड्ढा है तो उसकी जांच करवाई जाएगी और वहां ट्रैक की मजबूती के लिए रेलवे उचित कदम उठाएगा।  ’
विज्ञापन

अश्विनी श्रीवास्तव, सीनियर डीसीएम, लखनऊ मंडल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें