सर्दी,जुकाम और बुखार के मरीज बढ़े, उभर रही सांस की बीमारी
प्रयागराज। लगातार बारिश से बढ़ी नमी बीमारी बांट रही है। डेंगू, मलेरिया, डायरिया जैसी संक्रामक बीमारियों के साथ सर्दी-जुकाम, बुखार के मरीजों की भरमार है। हर घर मेें एक या दो लोग बीमार हैं। बुजुर्गों में सांस की बीमारी उभर रही है। एसआरएन, बेली, कॉल्विन, चिल्ड्रेन अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों भीड़ बढ़ी है। पर्चा बनवाने के लिए लंबी लाइन लग रही है।
एसआरएन अस्पताल की डॉ. अनुभा श्रीवास्तव के मुताबिक यह मौसम सेहत के लिए ठीक नहीं है। वायरल फीवर और संक्रमित बीमारियों से पीड़ितों की भरमार है। ऐसे में विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है। फिजिशियन और वृद्धावस्था रोग विशेषज्ञ डॉ. आरएन पांडेय ने बताया कि बारिश से बढ़ी नमी के कारण सांस के नए रोगी सामने आ रहे हैं। खासकर बुजुर्गों में फेफड़ों और सांस रोग उभर रहा है। बुखार में खुद डॉक्टरी कर दवा खाने वाले सात से दस दिन तक बिस्तर पर हैं। शरीर दर्द या सिर भारी होने का कारण बुखार ही नहीं अन्य बीमारी भी हो सकती है।
नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ. रामसिया सिंह इस मौसम को सेहत के लिए खराब मानते हैं। उनका कहना है कि ओपीडी में गला जाम होने की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों के कान में भी संक्रमण मिल रहा है। डॉ. सिंह ने बताया कि गला खराब हो या नाक जाम हो, ठंडे पानी और भीगने से बचें।
सरोजनी नायडू बाल चिकित्सालय के विभागाध्यक्ष डॉ. मुकेश बीर सिंह के मुताबिक इस सीजन में ओपीडी में बाल रोगियों की संख्या दोगुनी हो गई है। ओपीडी में 500 से 600 मरीज आ रहे हैं। बच्चों में बुखार, सर्दी-जुकाम के साथ छाती में जकड़न की शिकायत अधिक देखने को मिल रही है। उन्होंने बताया कि बच्चों में लगातार सर्दी निमोनिया का कारण बन सकती है, इसलिए विशेषज्ञों से परामर्श जरूर लेना चाहिए।