इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने सोमवार को ताराचंद हॉस्टल में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान चार कमरों में आधा दर्जन से अधिक हीटर पाए गए। जांच के दौरान यह साबित हो गया कि प्रतिबंध के बावजूद इन कमरों में हीटर का नियमित प्रयोग किया जा रहा है। मामले में चार छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही इविवि प्रशासन ने हॉस्टलों में मेस को अनिवार्य करते हुए प्रत्येक हॉस्टल में छात्रों की समिति बनाने का निर्णय लिया है।
ताराचंद हॉस्टल में हीटर पाए जाने के मामले में एमए प्रथम वर्ष के छात्र राम लला पटेल, बीएससी तृतीय वर्ष के अंकित कुमार, आदित्य कुमार और एमएए प्रथम वर्ष के अभिमन्यु यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि संबंधित छात्र सात मई को शाम चार से पांच बजे के बीच कुलानुशासक कार्यालय में उपस्थित होकर लिखित कारण दें। साथ ही पूछा कि इस मामले में उन्हें क्यों न निलंबित करते हुए विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया जाए।
उधर, डीएसडब्ल्यू प्रो. हर्ष कुमार ने सभी हॉस्टलों के अधीक्षकों को पत्र जारी कर कहा है कि हॉस्टलों में हिंसक वारदातों के पीछे कमरे में भोजन बनाने की प्रक्रिया भी जिम्मेदार है, इसलिए हॉस्टलों के कमरों में भोजन बनाने की प्रक्रिया को पूरी तरह से प्रतिबंधित किया जा रहा है और छात्रों के लिए मेस अनिवार्य की जा रही है। हॉस्टलों में मेस के लिए छात्रों से कम से कम एक माह का शुल्क एडवांस लिया जाएगा। साथ ही पांच या उससे अधिक छात्रों की समिति बनाकर उनके माध्यम से भोजन का साप्ताहिक मीनू तैयार किया जाएगा। मेस संचालन में बाधा पहुंचाने वाले छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।