नई दिल्ली में लाल किले के सामने हुए धमाके के बाद चारों तरफ तबाही का मंजर नजर आ रहा था। कहीं मानव शरीर के अंगों के टुकड़े पड़े हुए थे तो कहीं खून से लथपथ लाश। धमाके की चपेट में आए वाहनों से ऊंची-ऊंची आग की लपटें उठ रही थीं। हर तरफ अफरा-तफरी और दहशत का माहौल था। यह कहना है गंगापार के पुरानी झूंसी निवासी रवि पांडेय का। रवि पांडेय नई दिल्ली में रहकर ट्रवेल्स का कारोबार करते हैं। दिल्ली धमाके के दौरान रवि भी लाल किले से कुछ दूर पर ही मौजूद थे जबकि इनके कार चालक अपने वाहनों के साथ घटनास्थल से महज कुछ मीटर की दूरी पर ही थे। रवि की माने तो हर तरफ खौफनाक मंजर था। खून से लथपथ लोगों को देख उनका कलेजा कांप गया था।
पुरानी झूंसी निवासी रवि पांडेय ने बताया कि उनके ट्रवेल्स की ज्यादातर गड़ियां लाल किले और उसके आसपास ही चलती हैं। उनके कार चालक भी सवारी लेकर धमाका स्थल से महज कुछ मीटर की दूरी पर थे जबकि रवि स्वयं वहां से दो से तीन किलोमीटर की दूरी पर थे। घटना के बारे में जानकारी होने पर वे भी वहां पहुंच गए थे। बताया कि उनके सामने आग की चपेट में आए दो और चार पहिया वाहन धू-धू कर जल रहे थे।