इलाहाबाद हाईकोर्ट उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से आयोजित एपीओ भर्ती-2025 में आरक्षण व्यवस्था को चुनौती देने वाली याचिका पर 31 जुलाई को सुनवाई करेगा। साथ ही आयोग की ओर से दाखिल पूरक शपथपत्र पर याचियों को प्रत्युत्तर शपथपत्र दाखिल करने के लिए समय दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की एकल पीठ ने दिया है।
प्रयागराज निवासी याची पंकज वर्मा व दो अन्य ने याचिका दायर की है। उनहा कहना है कि भर्ती में ऐसे कई ओबीसी अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने सामान्य वर्ग के कटऑफ से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। इसके बाद भी उन्हें सामान्य श्रेणी में समायोजित नहीं किया गया। यदि ऐसे अभ्यर्थियों को सामान्य श्रेणी में स्थान दिया जाए तो याची अपनी आरक्षित श्रेणी में चयनित हो सकते हैं। सभी याची ओबीसी वर्ग से हैं।
पिछली सुनवाई के दौरान आयोग की ओर से विभिन्न श्रेणियों का कटऑफ कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। अदालत ने इसे शपथपत्र के माध्यम से दाखिल करने का निर्देश दिया था। इसके अनुपालन में आयोग ने पूरक हलफनामा दाखिल किया। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि आयोग के शपथपत्र में केवल इतना बताया गया है कि आरक्षित वर्ग का प्रारंभिक परीक्षा कटऑफ सामान्य वर्ग से कम था। हाईकोर्ट ने 22 जुलाई की सुनवाई में यह भी पूछा था कि क्या कोई आरक्षित वर्ग का अभ्यर्थी ऐसा है, जिसने सामान्य वर्ग के कटऑफ से अधिक अंक प्राप्त किए हो। इस संबंध में आयोग ने कोई जानकारी नहीं दी।