करणी सेना से विवाद के बाद सुरक्षा की मांग लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे सपा सांसद रामजी लाल सुमन की याचिका पर सुनवाई टल गई है। गलत कोर्ट में मामला सूचीबद्ध होने के कारण सुनवाई टल गई है। समाजवादी पाटी के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन और उनके बेटे पूर्व विधायक रणधीर सुमन ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सुरक्षा की गुहार लगाई थी। साथ ही उन्होंने आवास पर करणी सेना के कथित हमले के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। शुक्रवार को मामला न्यायमूर्ति महेशचंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अनिल कुमार दशम की अदालत में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हुआ था, जबकि मामले की सुनवाई एमपीएमएलए कोर्ट में की जानी चाहिए।
राज्यसभा में बहस के दौरान सांसद रामजी लाल सुमन की ओर से राणा सांगा पर दिए गए विवादित बयान से नाराज करणी सेना ने उनके आगरा स्थित आवास के बाहर हिंसक प्रदर्शन किया था। इसके बाद सांसद रामजी लाल सुमन के बेटे व पूर्व विधायक रणधीर सुमन ने मामले में आगरा के हरि पर्वत थाने में अज्ञात भीड़ के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें बताया गया कि करणी सेना एवं अन्य राजपूत संगठनों ने रामजी लाल सुमन से माफी मांगने की मांग करते हुए प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई न होेन पर वह हाईकोर्ट पहुंचे हैं।