इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंत्री सुरेश खन्ना के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई पूरी करते हुए आदेश सुरक्षित कर लिया है। याचिका में मंत्री के खिलाफ वृंदावन स्थित मानव सेवा संघ आश्रम की संपत्ति को लेकर कई आरोप लगाए गए हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंत्री सुरेश खन्ना के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई पूरी करते हुए आदेश सुरक्षित कर लिया है। याचिका में मंत्री के खिलाफ वृंदावन स्थित मानव सेवा संघ आश्रम की संपत्ति को लेकर कई आरोप लगाए गए हैं। दो घंटे से अधिक चली बहस के बाद न्यायालय ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। यह आदेश न्यायमूर्ति विक्रम डी चौहान की एकल पीठ ने दिया है।
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याचिकाकर्ता सनातन धर्म रक्षापीठ वृंदावन के पीठाधीश्वर एवं कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर ने मथुरा की विशेष एमपी-एमएलए अदालत में मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग में अर्जी दायर की थी। उक्त कोर्ट ने क्षेत्राधिकार का हवाला देते हुए अर्जी खारिज कर दिया था। उस फैसले को चुनौती देते हुए याची ने हाईकोर्ट में पुनरीक्षण अर्जी दायर की है।
याची के अधिवक्ता ने आश्रम से जुड़ी कथित फर्जी वसीयत, कब्जे, अतिक्रमण, प्रशासनिक कार्रवाई और जांच प्रभावित किए जाने के आरोप लगाते हुए दलील प्रस्तुत की। प्रतिवादी की ओर से अपर महाधिवक्ता समेत अन्य अधिवक्ताओं ने अपना पक्ष रखा। कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया है।