धूमनगंज थाना प्रभारी द्वारा दिनांकित चार मार्च 2023 को पेश की गई स्पष्ट आख्या में कोर्ट को बताया कि आवेदिका के दोनों पुत्रों को नाबालिग मानते हुए दिनांक दो मार्च 2023 को बाल संरक्षण गृह में दाखिल कराया गया है।
इलाहाबाद न्यायालय में शुक्रवार को शाइस्ता परवीन की अर्जी पर प्रभारी सीजेएम कोर्ट में सुनवाई हुई। अर्जी पर शाइस्ता परवीन के अधिवक्ता विजय मिश्रा ने थाना धूमनगंज आख्या पर आपत्ति करते हुए तर्क दिया कि आख्या में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि आवेदिका के दोनों पुत्रों को किस बाल संरक्षण गृह में दाखिल किया गया है।
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उधर, पुलिस विभाग ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत को सूचित किया कि 24 फरवरी को उमेश पाल की हत्या के बाद कथित तौर पर पुलिस द्वारा उठाए गए अतीक अहमद के दोनों नाबालिग बेटे खुल्दाबाद के एक बाल संरक्षण गृह में हैं।
जबकि, धूमनगंज थाना प्रभारी द्वारा दिनांकित चार मार्च 2023 को पेश की गई स्पष्ट आख्या में कोर्ट को बताया कि आवेदिका के दोनों पुत्रों को नाबालिग मानते हुए दिनांक दो मार्च 2023 को बाल संरक्षण गृह में दाखिल कराया गया है।
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आख्या के बिंदु पर आवेदिका के अधिवक्ता द्वारा आपत्ति को दृष्टिगत रखते हुए कोर्ट ने धूमनगंज थाना प्रभारी को आदेशित किया कि दिनांक 13 मार्च 2023 को पुनः स्पष्ट आख्या पेश करें। यह आदेश प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार दुबे ने दिया।