प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण का सांकेतिक चित्र।
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प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण का मुख्यालय प्रयागराज में बनाया जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद प्रयागराज व चित्रकूट में पर्यटन के विकास तेजी जाएगी और अन्य जिलों व राज्यों से भी इसका सीधा जुड़ाव होगा। प्रयागराज से मेरठ तक गंगा एक्स्रप्रेसवे का निर्माण पूरा हो चुका है और प्रयागराज से सोनभद्र तक विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है। वहीं, चित्रकूट से वाराणसी तक ग्रीनफील्ड हाईवे से प्रयागराज को जोड़े जाने की तैयारी है। ग्रीनफील्ड हाईवे को प्रयागराज की मेजा व बारा तहसील से जोड़ा जाएगा।
ऐसे में पश्चिमी यूपी समेत दिल्ली, उत्तराखंड से आने वाले पर्यटकों को प्रयागराज होते हुए ग्रीन फील्ड हाईवे के रास्ते चित्रकूट पहुंचने में काफी आसानी होगी। साथ ही उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। वहीं, उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले की सीमा भी चार राज्यों बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश व झारखंड से लगी हुई है। ऐसे में ये चार राज्य भी विंध्य एक्सप्रेस वे और ग्रीनफील्ड हाईवे के माध्यम से सीधे प्रयागराज व चित्रकूट से जुड़ जाएंगे।
इससे पूर्व कुंभ के दौरान जब प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के गठन का निर्णय लिया गया था, तब यह घोषणा की गई थी प्राधिकरण का मुख्यालय प्रयागराज में होगा और मंडलायुक्त प्राधिकरण के अध्यक्ष होंगे। तब इसके तहत छह जिलों को शामिल किया गया था जिनकी संख्या बढ़कर अब आठ हो गई है।
प्राधिकरण का मुख्य कार्य
- छह जिलों के लिए एकीकृत मास्टर प्लान।
- सड़क, रेल और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का बेहतर समन्वय।
- औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर।
- धार्मिक और पर्यटन स्थलों का सुनियोजित विकास।
- शहरीकरण और भूमि उपयोग की बेहतर योजना।