इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुलंदशहर में एलएलएम छात्रा से दुराचार मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी से विवेचना की प्रगति आख्या तलब की है। कोर्ट ने आदेश की प्रति सीजेएम के माध्यम से पीड़िता के परिवार को भेजने का निर्देश भी दिया है, ताकि वे अदालत में अपनी सुरक्षा और विवेचना की प्रगति के लिए प्रार्थना पत्र दे सकें।
यह आदेश मामले की मॉनीटरिंग के लिए गठित न्यायमूर्ति मनोज मिश्र और न्यायमूर्ति मंजूरानी चौहान की खंडपीठ ने दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने एलएलएम छात्रा के गायब होने पर सुओ मोटो मामले (इन रिमिसिंग ऑफ एलएलएम स्टूडेंट एट स्वामी सुखदेवानंद लॉ कॉलेज फ्रॉम शाहजहांपुर) की सुनवाई करते हुए मामले की जांच के लिए एसएईटी गठित करने का निर्देश दिया और हाईकोर्ट से इसकी मॉनीटरिंग के लिए कहा।
सर्वोच्च अदालत ने पीड़िता और उसके परिजनों की इन कैमरा प्रोसीडिंग में बयान लिया। पीड़िता ने एसएस लॉ कॉलेज और उसके प्रबंधन के विरुद्ध शिकायत की। उसके माता पिता ने पीड़िता और परिवार की सुरक्षा पर चिंता जताई।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की। उसके बाद कोर्ट को बताया गया कि पीड़िता के पिता के 27 अगस्त 2019 के शिकायती पत्र के आधार पर एसएस लॉ कॉलेज के प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। कॉलेज में पीड़िता का भाई भी पढ़ रहा है। कोर्ट के आदेश पर पीड़िता को ऑल इंडिया वूमेन कॉन्फ्रेंस बापनूघर में रखे जाने निर्देश दिया है।