संगम की रेती पर घूमती देखी गईं माॅडल हर्षा रिछारिया।
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मां ने कहा- नहीं लेने दूंगी संन्यास
शांभवी पीठाधीश्वर ने बताया कि हर्षा की मां किरन रिछारिया ने उन्हें सुबह फोन पर बताया कि अगले महीने उनकी पुत्री की शादी होने वाली है। अपने जीते जी वह उसे कभी संन्यास नहीं लेने दे सकतीं। स्वामी आनंद स्वरूप का कहना है कि जिस मॉडल की महीने भर बाद ही शादी होने वाली हो उसे संन्यासिनी बनाकर महाकुंभ में प्रचारित करने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती।
जो महिला अभी यह भी नहीं तय कर पाई है कि उसे संन्यास की दीक्षा लेनी है या शादी करनी है, तो उसे संत- महात्माओं के शाही रथ पर जगह दिया जाना उचित नहीं है। श्रद्धालु के तौर पर शामिल होती तब भी ठीक था, लेकिन भगवा कपड़े में शाही रथ पर बिठाना पूरी तरह गलत है। -स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, शंकराचार्य, ज्योतिष्पीठ।
हर्षा रिछारिया के समर्थन में आए अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी
महाकुंभ में भगवा वस्त्र पहनने और शाही रथ पर संन्यासिनी के वेश में सवार होने को लेकर उठे विवदा के बीच शुक्रवार को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी मॉडल हर्षा रिछारिया के समर्थन में उतर आए। उन्होंने कहा कि हर्षा रिछारिया उनकी बेटी के समान हैं। उनके भगवा वस्त्र पहनने पर किसी को एतराज नहीं होना चाहिए। ऐसा नहीं है कि भगवा वस्त्र सिर्फ संत या संन्यासी ही पहन सकते हैं। महाकुंभ में सनातन धर्म को समझने के लिए आने और प्रवास करने वाले युवक-युवतियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इससे सनातन को और मजबूती मिलेगी ।