कोविड-19 के संक्रमण की वजह से हरिद्वार कुंभ टलने की अटकलों पर विराम लग गया है। तैयारियां भले अभी पूरी न हो पाई हों, लेकिन अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने हरिद्वार कुंभ निर्धारित समय पर 2021 में ही कराने का निर्णय लिया है।
पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन, पंचायती अखाड़ा नया उदासीन, पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी तथा पंचायती अखाड़ा निर्मल के महंतों और प्रतिनिधियों से विचार विमर्श के बाद अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि महाराज ने हरिद्वार कुंभ तय समय पर ही कराने की घोषणा की है। उनका कहना है कि कोविड-19 संक्रमण के बावजूद अगले वर्ष आयोजित होने वाला महाकुंभ मेला अपने निर्धारित समय पर पंरपरांगत तरीके से होगा।
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को परंपरांओं की सही जानकारी नहीं है। कुंभ मेला शुरू होने में अभी समय है। इस बीच ईश्वर कोरोना संक्रमण में कमी आते ही कुंभ आयोजन की तैयारियों को गति मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के दौरान होने हमेशा शाही स्नान हरकी पैड़ी पर ही होता रहा है। अगले महाकुंभ में भी यह परंपरा कायम रहेगी और सभी अखाड़े हरकी पैड़ी पर ही शाही स्नान करेंगे।
महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि राज्य सरकार को सभी कार्य तेजी से पूरे कराने चाहिए। बैरागी कैंप में अवैध अतिक्रमण पर उन्होंने कहा कि जो पक्के निर्माण हैं, उनका ध्वस्तीकरण नहीं किया जाए। जो लोग अब मेला क्षेत्र की भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर रहे हैं।
इस मौके पर निर्मल अखाड़े के सचिव महंत देवेंद्र सिंह शास्त्री,महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव महंत रवींद्र पुरी, महंत भगतराम महाराज, महंत रामरतन गिरि, महंत महेश्वरदास, महंत दुर्गादास, महंत रघुमुनि, महंत प्रेमदास, महंत निर्मलदास, महंत जसविंदर सिंह, महंत अमनदीप सिंह उपस्थित थे।