जमीन के विवाद में एक पक्ष की पैरवी करना और कार्रवाई के नाम पर रुपये लेने के आरोप में हंडिया थाने के इंस्पेक्टर अनूप सरोज और विवेचक दरोगा बृजेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर हुई गोपनीय जांच में दोनों पर लगे आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।
जमीन के विवाद में एक पक्ष की पैरवी करना और कार्रवाई के नाम पर रुपये लेने के आरोप में हंडिया थाने के इंस्पेक्टर अनूप सरोज और विवेचक दरोगा बृजेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर हुई गोपनीय जांच में दोनों पर लगे आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।
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जॉर्जटाउन थाना क्षेत्र के अल्लापुर मोहल्ले में रहने वाले व्यापारी रोहन के मुताबिक, उनकी मां श्रद्धा श्रीवास्तव ने हंडिया के धौरहरा गांव में एक मकान खरीदा था। आरोप है कि मकान बेचने के बाद विपक्षी ने दोबारा उस पर कब्जा कर लिया। ताला तोड़कर सीसीटीवी समेत सामान भी चोरी कर लिया गया। मामले में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
रोहन का आरोप है कि शिकायत हंडिया थाना प्रभारी से करने पर उन्होंने कार्रवाई के बजाय मामला दरोगा बृजेश के पास भेज दिया। आरोप है कि दरोगा ने मकान कब्जामुक्त कराने के नाम पर पीड़ित से चार लाख रुपये लिए। व्यापारी ने यह भी आरोप लगाया कि मामले में हल्का लेखपाल और आरआई ने 50-50 हजार रुपये लिए और धमकी दी।
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मामले की शिकायत पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया से की गई। जांच में आरोप सही मिलने पर बृहस्पतिवार को इंस्पेक्टर और दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। डीसीपी गंगापार कुलदीप सिंह गुणावत ने बताया कि शिकायत पहले मिली थी। जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है।