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डेढ़ सौ छात्र-छात्राओं ने छोड़े हॉस्टल

Sun, 14 May 2017 02:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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हॉस्टल - फोटो : अमर उजाला
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इलाहाबाद। इविवि एवं ट्रस्ट के हॉस्टलों में वॉश आउट की कार्रवाई से पहले तकरीबन डेढ़ सौ छात्रों ने हॉस्टल दिए हैं। इनमें छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक है। हालांकि कई हॉस्टलों के अधीक्षक हॉस्टल खाली होने की जानकारी देने में हीलाहवाली कर रहे हैं, जिससे विश्वविद्यालय प्रशासन को जानकारी इकट्ठा करने में दिक्कत आ रही है। अधीक्षकों के इस रवैये से कार्रवाई की कार्ययोजना लागू करने में भी समस्या आ सकती है।
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तय हुआ था कि 12 मई तक स्नातक के सभी छात्र हॉस्टल खाली कर देंगे और कमरे की चाभी अधीक्षक को सौंप देंगे। इसके साथ ही छात्रों को विश्वविद्यालय की ओर दिए गए तख्त और मेज भी कमरे में छोड़कर जाना है। अधीक्षकों से कहा गया था कि रोज की पूरी रिपोर्ट डीएसडब्ल्यूडी को देंगे और वहां से रिपोर्ट चीफ प्रॉक्टर को भेजी जाएगी। हालांकि निर्धारित समय सीमा बीतने के 24 घंटे बाद भी कुछ अधीक्षक हॉस्टल खाली होने की सही रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को नहीं दे सके हैं। अब तक जिन हॉस्टलों से अधीक्षक ने रिपोर्ट दी है, उसके मुताबिक जीएन झा हॉस्टल में किसी भी छात्र ने कमरा नहीं छोड़ा है। एएन झा हॉस्टल में तीन छात्रों, डीजे हॉस्टल में एक छात्र, एसएसएल हॉस्टल में दो छात्रों, ताराचंद्र हॉस्टल में एक छात्र, हॉल ऑफ रेजिडेंसी गर्ल्स हॉस्टल में 60 छात्राओं, कल्पना चावला गर्ल्स हॉस्टल में 12 छात्राओं, शताब्दी गर्ल्स हॉस्टल में 38, हिंदू हॉस्टल में 10 और एसडीए जैन हॉस्टल में दो छात्रों ने कमरे छोड़े हैं।

इसके अलावा कुछ हॉस्टलों से अधीक्षकों ने आधी-अधूरी जानकारी दी है। अधीक्षकों को नहीं मालूम की हॉस्टल छोड़ने वालों छात्रों की सही संख्या कितनी है। शताब्दी ब्वॉयज हॉस्टल से सूचना दी गई है कि वहां 10 से 12 छात्रों, प्रियदर्शनी गर्ल्स हॉस्टल में 30 से 40 छात्राओं, मुस्लिम बोर्डिंग हाउस में पांच से छह और केपीयूसी हॉस्टल में भी पांच से छह छात्रों ने कमरों की चाभी अधीक्षकों को सौंप दी है। अधीक्षक का फोन स्विच ऑफ होने के कारण पीसी बनर्जी हॉस्टल और अधीक्षक का फोन न उठने के कारण डॉ. राधा कृष्ण हॉस्टल एवं महादेवी गर्ल्स हॉस्टल की सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन को नहीं मिल सकी है। शताब्दी ब्वॉयज हॉस्टल से सूचना मिली है कि छात्रों की बीएएलएलबी की परीक्षा होने के कारण किसी ने हॉस्टल नहीं छोड़ा है। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी छात्रों को 18 मई तक हॉस्टल छोड़ने का समय दिया है।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों के लिए एनएन झा एवं ट्रस्ट के हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों के लिए केपीयूसी और महिला हॉस्टलों में रहने वाली छात्राओं के लिए कल्पना चावला महिला छात्रावास को समर हॉस्टल बनाया गया है। समर हॉस्टल के लिए अंतिम तौर पर डीएसडब्ल्यू कार्यालय को कुल 192 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें सिर्फ शोधार्थी और दिव्यांग छात्र-छात्राएं शामिल हैं। तीनों समर हॉस्टलों में कुल 458 छात्र-छात्राओं के रहने की व्यवस्था है। डीफिल की 96 छात्राओं और 78 छात्रों ने समर हॉस्टल के लिए आवेदन किया है। इसके अलावा कुल 18 दिव्यांग छात्र-छात्राओं ने भी आवेदन किया है, जिनमें 12 छात्र और छह छात्राएं शामिल हैं। नियम यह भी था कि समर हॉस्टल उन छात्र-छात्राओं को दिए जाएंगे जिन्हें शोध में प्रवेश के लिए तीन वर्ष से कम हुए हैं और उनकी वैधता-अर्हता बाकी है। इसके अलावा उन्हें समर हॉस्टल मिलेंगे जो दिव्यांग हैं या फिर वे छात्र जो किसी प्रतियोगी परीक्षा के मेंस में शामिल हो रहे हैं। किसी भी छात्र-छात्रा ने मेंस परीक्षा में शामिल होने के नाम पर समर हॉस्टल के लिए आवेदन नहीं किया है।
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