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Prayagraj News: परिवार संग रहता तो आज जिंदा होता मेरा लाल...

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जीटीबी नगर निवासी नूरूलहुदा अंसारी शनिवार को बेटे-बहू के लखनऊ स्थित एक होटल में फंदे से लटककर आत्महत्या करने की सूचना मिलते ही फूट-फूटकर रोए। कहा कि परिवार के साथ रहता तो आज मेरा लाल जिंदा होता।
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डीआरएम ऑफिस के अधीक्षक पद से सेवानिवृत्त नूरूलहुदा अंसारी के पांच बेटों में महबूब आलम तीसरे नंबर का था। नूरूलहुदा ने बताया कि उनके चार बेटों का परिवार घर पर ही रहता है। महबूब बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के उद्देश्य से अपने परिवार को लेकर लखनऊ में शिफ्ट हुआ था। उनकी बड़ी वाली पोती को महबूब अफसर बनाना चाहता था। लेकिन, उसका सपना पूरा होता, इससे पहले ही वह अपनी पत्नी जेबा के साथ इस दुनिया को अलविदा कह गया।

शुक्रवार रात उन्हें बेटे-बहू के घर नहीं लौटने की मिली थी सूचना
महबूब के पिता बताते हैं कि शुक्रवार रात को उनकी पोती ने फोन कर बताया कि मम्मी-पापा शाम चार पार्टी में जाने की बात कहकर घर से गए थे। कहा था कि शाम आठ बजे तक घर लौट आएंगे, लेकिन उनका फोन तक नहीं लग रहा है। यह सुन वह बेटे के साले रशीद संग शुक्रवार रात में ही घर से लखनऊ के लिए निकल गए। वहां पहुंचकर परिचितों से बेटे-बहू के बारे में पता किया गया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।
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शनिवार दोपहर तक पता नहीं लगा तो बच्चों को घर चलने के लिए कहने लगे। लेकिन, बच्चों ने कहा जब तब मम्मी-पापा नहीं मिल जाते तब तक लोग वहीं पर रहेंगे। स्वास्थ्य खराब होने की वजह से वह वहां से दो बजे घर पर आ गए। उधर, बेटे का साला रशीद बच्चों के पास रहकर दोनों का पता लगाता रहा।

शाम चार बजे मिली मौत की सूचना

पिता नूरूलहुदा ने बताया कि शनिवार शाम चार बजे उनके पास पुलिस ने फोन कर बताया कि आपके बेटे-बहू ने एक लखनऊ के एक होटल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। यह सुनते ही उनको पहले तो विश्वास ही नहीं हुआ। इसलिए वह दोबारा पूछे। उसके बाद तो मानों से जैसे कोई उनका कलेजा ही निकाल लिया हो। इसके बाद वह परिवार के अन्य लोगों को घटना की सूचना दी। फिर यहां से परिवार के लोग दो गाड़ियों ने लखनऊ के लिए रवाना हो गए।

बिना कुछ कहे ही इतना बड़ा कदम उठा लिया...

महबूब के पिता ने कहा कि वह जीवनभर इमानदारी से अपनी नौकरी किए थे। इतना पैसा तो कमा ही लिए थे कि बच्चों की परवरिश अच्छी तरह से हो जाती। महबूब एक बार उनसे अपनी परेशानी कहता तो सही उसकी हर ख्वाहिश पूरा करने की कोशिश करता। लेकिन, उसने उनसे बिना कुछ कहे ही इतना बड़ा कदम उठा लिया।
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