पैसा दोगुना करने का लालच देकर 100 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में गिरफ्तार आरोपी ज्ञानेश पाठक ने एसटीएफ की पूछताछ में कई अहम खुलासे किए हैं। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने साथियों के संग मिलकर जेकेवी मल्टीस्टेट क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड व जेकेवी रियल स्टेट डेवलपर के नाम से राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार आदि राज्यों में साै अधिक शाखाएं खोली थीं। इन शाखाओं में करीब पांच हजार लोगों ने निवेश किया था। बीते बुधवार को एसटीएफ ने आरोपी को नागपुर के हुडकेश्वर थाना क्षेत्र स्थित साईं मंदिर के पास से गिरफ्तार किया था।
एसटीएफ की जांच में सामने आया कि आरोपी ज्ञानेश पर इनाम की घोषणा होने के बाद उसने अपना ठिकाना महाराष्ट्र के नागपुर में बना लिया था। यह भी पता चला कि ज्ञानेश यहां भी रियल स्टेट में पैसा निवेश करने के लिए चिटफंड की कंपनी खोलने की फिराक में था। लेकिन, उससे पहले ही वह एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया। ज्ञानेश इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है। उसके पिता खेती करते थे। सूत्रों के अनुसार, ज्ञानेश ने वर्ष 2012 में शाखाओं का रजिस्ट्रेशन होने के बाद इसमें करीब पांच हजार लोगों ने पैसा निवेश किया।
लेकिन, निवेशकों को पैसा रिटर्न न मिलने पर पांच राज्यों के अलग-अलग थानाें में मुकदमा होने लगा। दबाव पड़ने पर आरोपी ने वर्ष 2018 में शाखा को बंद कर दिया।
आज कोर्ट में किया जाएगा पेश
बता दें कि बीते पांच जुलाई को बरेली एसएसपी ने ज्ञानेश पाठक पर 25 हजार का इनाम घोषित किया था। जबकि पचास हजार का इनाम पहले से ही था। नागपुर से आरोपी की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने तीन दिन का पुलिस रिमांड लिया। अब बृहस्पतिवार को उसे बरेली कोर्ट में पेश किया जाएगा।