आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर ऑन ड्यूटी डिप्टी एसएस की पिटाई के मामले में रेल कर्मचारियों में आक्रोश है। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ (एनसीआरईएस) ने दोषियों की बर्खास्तगी की मांग को लेकर आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। आंदोलन को अमलीजामा पहनाने के लिए प्रयागराज, झांसी और आगरा मंडल के बड़े पदाधिकारी बुधवार को प्रयागराज स्थित यूनियन के केंद्रीय कार्यालय पहुंचे।
नवाब युसूफ रोड स्थित कार्यालय में हुई बैठक में यूनियन नेताओं ने कहा कि दोषी आरपीएफ कर्मियों की बर्खास्तगी होनी चाहिए, हालांकि रेलवे प्रशासन की गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट को देखते हुए संघ ने फिलहाल थोड़ा संयम बरतने का फैसला किया है। साथ ही 16 जुलाई को पूरे जोन में होने वाले बड़े प्रदर्शन को टाल दिया है।
यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि जांच कमेटी की रिपोर्ट की प्रतीक्षा करेंगे। यदि रिपोर्ट आने के बाद भी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की जाती है, तो नॉर्थ सेंट्रल रेलवे जोन में एनसीआरईएस के बैनर तले एक बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। यूनियन के महामंत्री आरपी सिंह ने कहा कि हर दिन की स्थिति का आकलन किया जा रहा है। जैसे ही जांच कमेटी की रिपोर्ट सामने आएगी, उसी के आधार पर कदम उठाया जाएगा।