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75 लाख तक टर्नओवर वाले व्यापारी अपना सकते हैं समाधान योजना

Wed, 05 Jul 2017 01:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
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इलाहाबाद
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वाणिज्य कर विभाग ने 75 लाख रुपये सालाना टर्नओवर वाले व्यापारियों को समाधान योजना अपनाने पर बड़ी राहत दे दी है। कर योग्य के साथ बिना कर वाले माल की बिक्री करने वाले ऐसे व्यापारी एक प्रतिशत टैक्स जमा कर समाधान योजना अपना सकते हैं। मंगलवार को यहां आए वाणिज्य कर कमिश्नर मुकेश कुमार मेश्राम ने व्यापारिक एवं अधिवक्ता संगठनों के प्रतिनिधियों से वार्ता के दौरान इसकी घोषणा की। साथ ही स्पष्ट किया कि सभी तरह के कपड़ा कारोबारियों के लिए जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। इस दौरान जीएसटी को लेकर अन्य समस्याओं पर भी चर्चा की। कुछ समस्याओं पर कमिश्नर ने लखनऊ मुख्यालय पहुंचकर आदेश जारी करने का आश्वासन दिया।
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जीएसटी में 75 लाख तक सालाना टर्नओवर वाले ऐसे व्यापारियों के लिए समाधान योजना अपनाने का प्रावधान किया गया था, जो कर योग्य माल का कारोबार करते हैं। इसे लेकर व्यापारियों में दिक्कत बढ़ गई थी। सरकिट हाउस में कमिश्नर से वार्ता के  दौरान उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार कल्याण समिति के संयोजक संतोष पनामा ने इस मामले को उठाया। कमिश्नर ने साफ किया कि कर योग्य के साथ कर मुक्त माल का कारोबार करने वाले व्यापारी समाधान योजना अपना सकते हैं। प्रयाग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विजय अरोरा ने कपड़ा व्यापारियों के रजिस्ट्रेशन के संबंध में चर्चा की। इस दौरान अधिवक्ता संघ के विनोद कुमार केसरवानी, विपिन सिंह समेत अन्य व्यापारियों और अधिवक्ताओं ने भी जीएसटी से जुड़ी समस्याएं बताईं। कमिश्नर ने अन्य महत्वपूर्ण मामलों में लखनऊ पहुंचकर आदेश जारी करने का आश्वासन दिया। चर्चा के दौरान एडीशनल कमिश्नर ग्रेड टू रामप्रसाद, ज्वाइंट कमिश्नर कारपोरेट भूपेंद्र शुक्ला, ज्वाइंट कमिश्नर एसआईबी एबी सिंह, डीसी एके सिंह, एसी विवेक मिश्रा आदि मौजूद थे।

व्यापारी कर सकेंगे फॉर्म-38 का इस्तेमाल
इलाहाबाद। दूसरे प्रदेशों से माल मंगाने के लिए व्यापारी आयात घोषणा पत्र (फॉर्म-38) का इस्तेमाल कर सकेंगे। जीएसटी लागू होने के बाद फॉर्म-38 के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। इसकी वजह से व्यापारियों को दिक्कत आ रही है। कमिश्नर ने साफ किया कि व्यापारी अगले तीन माह तक इस फॉर्म के जरिए माल मंगा सकते हैं। इसके साथ सीमेंट व्यापारी चालान के जरिए पूर्व की भांति माल की बिक्री कर सकेंगे। जीएसटी में यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।
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तीन माह तक नहीं होगी जांच
इलाहाबाद। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि अगले तीन माह तक किसी भी तरह का माल न रोका जाएगा और न ही एसआईबी की कार्रवाई होगी। जीएसटी एक्ट में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे व्यापारियों को किसी तरह की दिक्कत हो। व्यापारियों को तीन माह का समय दिया गया है। जीएसटी माइग्रेशन, रजिस्ट्रेशन के साथ अन्य कम पूरे कर लें। बताया कि अधिकारी व्यापारियों से 30 जून तक के स्टॉक के संबंध में हिसाब नहीं मांगेंगे। इस संबंध में जल्द आदेश जारी किया जाएगा। बताया कि जल्द की संशोधन पोर्टल भी शुरू होगा, जिसके जरिए व्यापारी आसानी से काम कर सकेंगे।

जन सुविधा केंद्र में भी करा सकेंगे माइग्रेशन, रजिस्ट्रेशन
इलाहाबाद। शहर में खुले जन सुविधा केंद्र में भी व्यापारी जीएसटी माइग्रेशन, रजिस्ट्रेशन आदि काम करा सकेंगे। इसके साथ तहसील एवं कस्बों के बाजारों में व्यापारियों को जीएसटी की जानकारी एवं ऑनलाइन व्यवस्था के  तहत काम करने के तरीके भी बताए जाएंगे। इसके लिए तहसील और कस्बों के बाजारों में शिविर लगाए जाएंगे। इस संबंध में कमिश्नर ने अफसरों को निर्देश भी दे दिया है। नोडल अधिकारी जेसी कारपोरेट भूपेंद्र शुक्ला ने बताया कि जन सुविधा केंद्र में तैनात कर्मचारियों को इसके लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्हें प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे।
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